Singrauli News : जिले में गेहूं की फसल की कटाई, गहाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। जिन किसानों की फसल पहले पक गई थीं, उनके द्वारा कटाई का काम पूरा कर गहाई करने की तैयारी चल रही है। वहीं कुछ किसान गहाई का काम पूरा कर उपज बेचने के लिए खरीदी केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे हैं। समर्थन मूल्य पर गेहूं की उपज बेचने के लिए इस साल 11 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। किसानों को गेहूं की उपज बेचने के लिए दूर न जाना पड़े, इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा 48 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जाएगी। जिले में 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू होगी।
स्व सहायता समूह नहीं करेंगे खरीदी
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी करने के लिए पिछले साल तक स्व सहायता समूहों को भी जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन इस साल जिले में एक भी स्व सहायता समूह को गेहूं खरीदी करने की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि समूहों की शिकायतें मिलती हैं, पूरी जिम्मेदारी से खरीदी, परिवहन का काम नहीं किया जाता, जिसके चलते शासन द्वारा समूहों को गेहूं खरीदी से दूर रखा गया है।
इन केंद्रों पर की जाएगी खरीदी
गेहूं खरीदी के लिए जो केंद्र बनाए गए हैं, उनमें सेवा सहकारी समिति खुटार, परसौना, उर्ती, तियरा केंद्र क्रमांक वन और टू, नवानगर, चिनगीटोला, वैढ़न, गहिलरा, प्राथमिक विपणन सहकारी समिति वैढ़न क्रमांक एक और दो, कर्मुआराजा क्रमांक एक और दो, सखौहा, मकरोहर, माड़ा, कोयलखूंथ, बिंदूल क्रमांक एक और दो, जमगढ़ी क्रमांक एक और दो, माड़ा क्रमांक एक और दो, पड़रीकलां, गोंदवाली, भौड़ार, चतरी, चतरी गोदाम, दुधमनिया, चितरंगी गोदाम, धरौली, बगदरा, घोघरा, सरई, गन्नई, बरका, झारा, निवास, महुआगांव, रजनिया, देवसर बरहवा टोला, घिनहागांव, मझौली, कर्थुआ, सहुआर, इटार और खैराबड़ा केंद्र शामिल हैं।
24 हजार टन खरीदी का लक्ष्य
धान के मुकाबले जिले में गेहूं की पैदावार कम होती है। यही कारण है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं की उपज बेचने के लिए पंजीयन भी कम होता है। इस साल गेहूं की उपज बेचने के लिए 11 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। पंजीकृत किसानों से 24 हजार टन गेहूं की खरीदी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति होती है या नहीं यह खरीदी शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।
40 रुपये मिलेगा बोनस
समर्थन मूल्य पर गेहूं की उपज बेचने वाले किसानों को सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस दिया जाएगा। शासन द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये निर्धारित किया गया है। पिछले साल जिले में 16 हजार टन गेहूं की खरीदी 5 हजार से अधिक किसानों से की गई थी। जिला अपूर्ति अधिकारी पीसी चंद्रवंशी का कहना है कि गेहूं खरीदी से संबंधित सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। निर्धारित तिथि से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू कर दी जाएगी
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