Singrauli News: सीधी-सिंगरौली फोरलेन सड़क का निर्माण कराने में असफल साबित हो रहे एमपीआरडीसी से इस सड़क के निर्माण कार्य को वापस ले लिया गया है। सड़क का निर्माण अब एनएचएआई करेगा। हालांकि सड़क निर्माण के लिए जो टेंडर प्रक्रिया चल रही है, उस को कौन पूरा करेगा, इसका निर्णय अभी नहीं हो पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण कराने और मॉनीटरिंग की पूरी जिम्मेदारी एमपीआरडीसी से वापस लेकर एनएचएआई को सौंप दी जाएगी। 13 साल से सड़क निर्माण कराने में असफल साबित हुए एमपीआरडीसी से काम वापस लेकर एनएचएआई को सौंपे जाने से उम्मीद है कि यह तय समय सीमा में बन जाएगी। इससे 13 वर्ष से सड़क के लिए परेशान सीधी-सिंगरौली के लोगों का इंतजार समाप्त हो जाएगा और आसानी से आवाजाही हो पाएगी।
इस बार 455 करोड़ रुपये का है टेंडर
पिछले मई-जून माह में संविदाकार तिरुपति बिल्डकॉन का ठेका निरस्त कर दिया गया था। उसी समय से निर्माण एजेंसी एमपीआरडीसी सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए नए सिरे से टेंडर मंगा रहा था। नया टेंडर 455 करोड़ रुपये का है, लेकिन पिछले करीब 8 माह से टेंडर प्रक्रिया चल रही है, आज तक टेंडर खोला नहीं जा सका है। 11 दिसंबर को टेंडर खोला जाना था, लेकिन फिर से टेंडर खोलने की तिथि बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी गई है, यानी पिछले 8 माह से टेंडर खोलने और डेट बढ़ाने की प्रकिया ही चल रही थी।
कई जगहों पर चलने लायक नहीं रही सड़क
सीधी से सिंगरौली के बीच कई जगहों पर सड़क इतनी उखड़ चुकी है कि चलने लायक नहीं बची है। कुछ महीनों पहले सड़क की मरम्मत कराई गई लेकिन मरम्मत का काम गुणवत्तापूर्ण न होने से सड़क उखड़ने लगी है। कर्थुआ, कोहराखोह, गोरबी से मोरवा तक की सड़क कई जगहों पर बची नहीं। इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं कि वाहन चालक आए दिन इनमें फंसकर हादसे का शिकार हो रहे हैं।
समय पर सड़क बनने की उम्मीद
सड़क निर्माण का काम एनएचएआई को हस्तांतरित होने से अब उम्मीद बढ़ गई है कि 105 किलोमीटर की लंबी सड़क जो पिछले 13 साल से बन रही थी, वह अब बनकर तैयार हो जाएगी। हस्तांतरित कोने के बाद सड़क के पुराने कार्य का भी नवीनीकरण होगा, वहीं जरूरत पड़ने पर कुछ जगहों पर ड्राइंग-डिजाइन में भी बदलाव किया जा सकता है। उम्मीद है कि नई निर्माण एजेंसी एनएचएआई समय पर निर्माण कार्य शुरु कराएगा और गुणवत्ता के साथ समय सीमा के अंदर सड़क का काम पूरा करा लेगा।
ये भी जानिए
सीधी-सिंगरौली फोरलेन सड़क बनाने का काम साल 2013 में शुरू हुआ था। कुल 105 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाने का ठेका 871 करोड़ में गैमन इंडिया कंपनी को दिया गया। ठेका कंपनी को वर्ष 2015 तक सड़क का निर्माण पूरा करना था। सात साल बीत गये लेकिन ठेका कंपनी सड़क नहीं बना पाई लिहाजा मार्च 2020 में टेंडर निरस्त कर दिया गया। अक्टूबर 2021 में सड़क बनाने के लिए तिरुपति बिल्डकॉन को 331 करोड़ में सड़क का ठेका दिया गया। अप्रैल 2023 तक सड़क कम्पलीट करनी थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी सड़क न बना पाने पर तिरुपति बिल्डकॉन का टेंडर साल से बन रही सड़क सिर्फ निरस्त कर दिया गया। 13 45 प्रतिशत ही बन पाई, वह भी कई जगहों में उखड़ गई है।