Singrauli Nagar-Nigam News: नगर-निगम सिंगरौली में लगभग 1 वर्ष बाद (नवम्बर 2024 के बाद) परिषद् की बैठक बुलाई गई जिसमे कई अहम् मुद्दों को लेकर बहस चली जिसमे महापौर और आयुक्त पर अनियमितताओं पर आरोप प्रत्यारोप चलते रहें। महापौर और पार्षद दल के नेता में भी काफी बहस भी देखने को मिली। पार्षदों ने परिषद् को लेकर महापौर को घेरते नजर आएं उनका आरोप था की परिषद् की बैठक न बुलाये जाने के कारण कई विकाश कार्यो में बाधा उत्पन्न हुई जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी महापौर की है.
नगर निगम सिंगरौली में नवम्बर 2024 से लेकर 17 फरवरी 2026 तक बैठक नहीं बुलाई गई जिसके बाद 18 फरवरी 2026 को परिषद् की बैठक आहुति की गई जिसमे बिपक्ष के पार्षदों ने परिषद् का वहिष्कार करते हुए नगर-निगम से बाहर चले गए जिसके कारण परिषद् की बैठक 19 फरवरी 2026 को बुलाई गईम जिसमे नगर-निगम के सभी 45 वार्डो के पार्षद मौजूद रहें। एवं परिषद् में अपने-अपने अजेंडे पेश किये जिसमे पार्षदों ने परिषद् की बैठक ना होने को लेकर सीधे-सीधे महापौर को दोषी ठहराया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि एमआईसी (MIC) में जो नियम नहीं हैं उन्हें भी महापौर जोड़ कर कार्य करवाने लगती हैं जो कि असंवैधानिक हैं जिस पर महापौर ने चुप्पी साधे रखीं व पार्षदों ने काफी हंगामा भी किया।
अजेंडे में शामिल रहा ये सवाल
इसी तरह बड़े प्रोजेक्ट जैसे मेडिकल कॉलेज रोड, मॉडल रोड व सिविक सेंटर, प्लाजा जैसे बड़े प्रोजेक्ट नगर-निगम के हाथ से निकलने का आरोप पार्षदों ने सीधा महापौर पर लगाया। पार्षदों का कहना है कि महापौर मैडम विकाश के कार्यो को रोक रही हैं। व इन्हे महाराणा प्रताप उद्यान का नाम बदलने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, इसकी जरुरत क्या थी। जब वहां पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित की गई तब महापौर कहाँ थीं?
स्वक्षता में कमियों को स्वीकारा नगर-निगम आयुक्त
नगर-निगम सिंगरौली में हर जगह कचड़े का सड़ांध सिंगरौली का पर्याय बन चूका है हर गलीयों की नालियां शहर की सड़क, पार्को व कार्यालयों की स्थितिस्वक्षता में बद से बदतर स्थिति बनी हुई है जिसे लेकर पार्षदों ने नगर-निगम कमिश्नर को आडे हाथो लेते हुए सवाल किये कि हर वार्डो में नालियां जाम हैं कचड़े से पटी हुई हैं, सड़को में झाड़ू तक नहीं लगाए जा रहे हैं जिससे लोग बीमार हो रहे हैं, आखिर साफ-सफाई क्यों नहीं हो रही है इसके जवाब में नगर-निगम आयुक्त ने स्वीकार किया कि यह नगर-निगम क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा एरिया है जिसमे सफाईकर्मियों कि कमी है हमारे पास पुरे 45 वार्ड मिला करके 250 सफाईकर्मी हैं जबकि जरुरत 1000 सफाईकर्मियों की है। जिससे हमारे पास सफाईकर्मी कम होने के कारण नगर-नगर में जिस तरह से सफाई होनी चाहिए उस तरह से सफाई नहीं हो पा रही है इन कमियों को हम स्वीकारते हैं. और जल्द ही सफाईकर्मियों की भर्ती कर नगर-निगम में सफाई अच्छे से की जाएगी ।
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