MP News : मौजूदा समय में हर कोई अमूमन 5 से 6 घंटे फोन चला रहा है, कुछ तो सिर्फ इंटरटेनमेंट कर रहे तो कुछ कमाई का जरिया बना रहे हैं। प्रदेश के सिंगरौली जिले में सरकारी बाबू और सरकारी शिक्षकों का स्क्रीन टाइम सामान्य से कई गुना अधिक हो रहा है। वजह वे देश की विभिन्न नेटवर्क कंपनियों के पदाधिकारी बनने मैनेजर, सिल्वर, गोल्ड और डायमंड स्टार बनने के लिए लाखों के प्रोडक्ट खरीदफरोख्त कर रहे हैं। नित नये मेंबर तलाश कर रहे हैं और लाखों रूपये निवेश कर मंचों पर माला पहनकर समाज में अपनी एक अलग भूमिका की नुमाइश कर रहे हैं।
अपनी सरकारी नौकरी के समय में भी ऐसे नेटवर्क मार्केटिंग करने वाले कर्मचारी मोटे कमीशन और बड़ी चेन बनाने के चक्कर में इन दिनों सुध बुध खोए हुए हैं। अपना काम छोडकर बाकी सब कर रहे हैं। यह नेटवर्क देशभर के बड़े शहरों से संचालित हो रहा है और ऑनलाइन सेमिनार की चमक धमक देखकर किराने और चाय की दुकान चलाने वाले लोग भी लखपति व करोड़पति के साथ ही बीएमडब्ल्यू का मालिक बनने का सपना देख रहे हैं। जिनके लिए 80-90 हजार रूपये प्रतिमाह तनख्वाह पाने वाले शिक्षक व सरकारी कार्यालयों के बाबू अपना खुद का हवाला देकर छोटे दुकानदारों व श्रमिक वर्ग का हजारों रूपये अपनी मार्केटिंग कम्पनी में लगवा देते हैं। जिसके बाद उन्हें अपने पीछे चेन तैयार करने के लिए उनके प्रमोटर बन जाते हैं।
गांवों तक पहुंच गया नेटवर्क
जिले भर में डायरेक्ट सेलिंग, नेटवर्क मार्केटिंग का प्रचलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। गांव-गांव और कस्बों में इसके प्रचार-प्रसार की गतिविधियां संचालित की रही हैं। इनमें कुछ शासकीय कर्मचारी एवं सरकारी शिक्षक भी सक्रिय रूप से प्रचार करते देखे जा रहे हैं। जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों के अनुसार व्यावसायिक एवं कमीशन आधारित नेटवर्क मार्केटिंग गतिविधियों में सीधे तौर से शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों पर सेवा आचरण नियम लागू होते हैं। जिसके तहत किसी भी प्रकार का व्यापार, निजी नौकरी, कमीशन आधारित कार्य या नेटवर्क मार्केटिंग करना प्रतिबंधित है।
सेवा शर्तों का हो रहा उल्लंघन
एक अधिकारी ने इस प्रकार के कार्यों को सरकारी कर्मचारी के वि लिए सेवा नियमों के अनुसार बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के यदि कोई शासकीय कर्मचारी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय जांच, वेतन रोक, निलंबन अथवा अन्य स अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि नेटवर्क कंपनियों के प्रचार के लिए बैठकों, उत्पाद प्रदर्शन और टीम जोड़ने जैसे कार्यक्रमों का बड़े पैमाने पर आयोजित किए जा रहे हैं। जिससे आम नागरिकों में भ्रम की स्थिति बन रही है। सरई, देवसर, चितरंगी, वैढ़न में इस प्रकार की गतिविधियां संचालित हैं, जहां पर अपने कार्यस्थलों पर सरकारी कर्मचारी विभिन्न प्रकार की कंपनियों की नेटवर्क मार्केटिंग कर रहे हैं।
इनका कहना है
इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी नहीं है, अभी यह मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि जानकारी मिलती है या सरकारी कर्मचारी की गतिविधियां सेवा आचरण विरूद्ध पायी जाती हैं तो उन की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। – अखिलेश कुमार सिंह, उपखंड अधिकारी देवसर
MP News : मध्य प्रदेश के सिंगरौली में संविदा कर्मचारी 6 महीनों से बिना वेतन काम करने को मजबूर