Singrauli News : कलेक्टर गाइडलाइन में फिर से जमीनों के दाम बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है। जिला पंजीयक विभाग नई गाइडलाइन तैयार करने में जुट गया है। इस साल जमीनों के दामों में 5 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की जा सकती है। दाम बढ़ाने के लिए कोई नया प्लान तैयार नहीं किया गया बल्कि जिन जगहों पर अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं, उसी को आधार मानकर जमीनों के दाम बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इस साल नई लोकेशन चिन्हित नहीं की जाएगी, पिछले साल जो 4 सौ नई लोकेशन तय की गई थीं, इस साल भी वही रहेगी। जमीनों के दाम अगर 5 से 30 प्रतिशत बढ़ाए गए तो गरीबों के आशियाने का सपना पूरा नहीं हो पायेगा, क्योंकि पहले से ही जमीनों के दाम इतने बढ़े हुए हैं कि गरीब वर्ग के लोग दो-तीन कमरे का घर बनाने तक के लिए जमीन नहीं खरीद पा रहे हैं।
इनको माना गया है प्लानिंग एरिया
इस साल नया प्लानिंग एरिया नहीं बढ़ाया जा रहा है। पिछले साल जिले में 40 जगहों को प्लानिंग एरिया के रुप में चिन्हित किया गया था, वही क्षेत्र इस साल भी प्लानिंग क्षेत्र माने जाएंगे। प्लानिंग एरिया में परसौना, नौगढ़, तेलदह, खुटार, सासन, सिद्धीखुर्द आदि जगहों को शामिल किया गया है। इन जगहों में वर्तमान में आवासीय जमीन 5 से 8 हजार वर्गमीटर, कॉमर्शियल 8 से 10 हजार वर्गमीटर और कृषि भूमि 55 से 65 लाख रुपये हेक्टेयर से अधिक में बिक रही है। चूंकि शहरी क्षेत्र में अब जमीन कम बची है, इसलिए बसाहट अब इन्ही प्लानिंग क्षेत्रों में बढ़ रही है, जिससे इन जगहों पर जमीनों के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।
इन जगहों पर हुई सबसे से अधिक रजिस्ट्रियां
इस वित्तीय वर्ष में पंजीयक विभाग की अच्छी-खासी आमदनी हुई है। 115 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले पांच गुना अधिक राजस्व अब तक विभाग को मिल चुका है। जिले के सरई, गजरा बहरा, गन्नई, दुधमनिया, चितरंगी, कसर, मुहेर, बरगवां, डगा, नौढ़िया वीरान, बरैनिया, गांगी आदि जगहों पर सबसे अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। यानी इन जगहों पर जमीनों के दाम वर्तमान कीमत से 30 प्रतिशत तक बढ़ाये जा सकते हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा जो नई गाइडलाइन तैयार की जा रही है, उसमें इन जगहों में कीमत बढ़ाने की सहमति दी जा रही है।
गाइडलाइन से अधिक कीमत में हुईं रजिस्ट्रियां
चालू वित्तीय वर्ष में कई जगहों पर निर्धारित कलेक्टर गाइड लाइन से अधिक दाम में रजिस्ट्रियां हुई हैं। शहरी क्षेत्र के वार्ड-38, 41, 42, 30 के गनियारी, ढोंटी, बिलौंजी, पचखोरा आदि जगहों पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसी तरह से वैढ़न, विंध्यनगर, परसौना, पोड़ी नौगई, खुटार, सरई, गजरा-बहरा, बरगवां, माड़ा, डगा, कनई, दुधमनिया, कसर, महदेइया, खरखटा आदि जगहों पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इन जगहों पर इस साल जमीनों के दाम और आसमान छुएंगे, क्योंकि इन जगहों पर अब जमीनें भी कम बची हैं।
इनका कहना है
नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार किये जाने का काम शुरू है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गाइडलाइन तैयार की जा रही है। जिन जगहों पर अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं, वहां जमीनों के दामों में 5 से लेकर 30 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी हो सकती है। – अशोक सिंह परिहार, उप पंजीयक