Singrauli News : शहर के गली-मोहल्लों में कुकरमुत्ते की तरह खुले स्पा सेंटरों से शहरवासी परेशान हो गए हैं। रहवासी क्षेत्र और गली मोहल्लों में स्पा सेंटर किसकी सह पर चल रहे हैं, किसी को नहीं पता। नगर निगम द्वारा एक भी स्पा सेंटर को गुमास्ता लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। फिर सवाल यही उठ रहा है कि मनमाने तरीके से बाजार वाले क्षेत्र से लेकर रहवासी क्षेत्र में संचालित हो रहे स्पा सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। रहवासी क्षेत्रों में खुले स्पा सेंटरों में दिन भर लगने वाली भीड़ से कॉलोनी और मोहल्लों के लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। शहर में जितने भी स्पा सेंटर चल रहे हैं, किसी के द्वारा शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
दूसरे देशों के युवक-युवतियां कर रहे काम
जानकारों की मानें तो दूसरे देश जैसे पाकिस्तान, बांगलादेश के रोहिंगिया लोग भी सिंगरौली के स्पा सेंटरों में काम कर रहे हैं। सिंगरौली दूसरे देशों के लोगों के लिए सेफ जगह है, यही कारण है कि असम, बंगाल से जिन दूसरे देशवासियों को भगाया जा रहा है, वह सिंगरौली को ठिकाना बना रहे हैं, चूंकि नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन द्वारा स्पा सेंटरों की जांच नहीं की जाती है, इसलिए बड़ी आसानी से लोग यहां अपना डेरा जमा लेते हैं। स्पा सेंटरों में विदेशी नागरिकों के रहने से देश की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्पा सेंटर के क्या हैं नियम
स्पा सेंटर का संचालन करने के लिए शासन द्वारा कुछ नियम तय किए गए हैं, लेकिन जिले में जगह-जगह खुले स्पा सेंटरों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। शासन के नियम हैं कि स्था सेंटर खोलने से पहले नगरीय निकाय संस्था से गुमास्ता का लाइसेंस लेना अनिवार्य है। सेंटर में जो कमरे हों, उनके प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था हो। दरवाजे में कुंडी नहीं होनी चाहिए, पुरुष और महिला टायलेट और कमरे अलग-अलग होना चाहिए, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, आने जाने वाले लोगों का रजिस्टर में रिकार्ड मेंटन होना चाहिए।
सबका बंधा है हिस्सा
नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो जिले में एक भी स्पा सेंटर का संचालन किए जाने की अनुमति उनके द्वारा नहीं दी गई है, जो लोग भी स्पा सेंटर का संचालन कर रहे हैं, अवैध रुप से कर रहे हैं। सवाल ये उठ रहा है कि जिला मुख्यालय में जिले के बड़े अधिकारियों के बैठने के बाद भी स्पा सेंटर किसकी शह पर चल रहे हैं। उनकी जांच व कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि अवैध रुप से संचालित स्पा सेंटर संचालक हर महीने मोटी रकम हिस्सेदारी में बांटते हैं, यही कारण है कि कोई उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है।
स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां
शहर में संचालित एक भी स्पा सेंटर द्वारा लाइसेंस नहीं लिया गया है। नवानगर, वैढ़न, विंध्यनगर, मोरवा के मिलाकर 3 सौ से अधिक स्पा सेंटर चल रहे हैं, जो सरकार को भी अच्छा-खासा चूना लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ लोग स्पा सेंटर के नाम पर अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। पिछले साल बिलौंजी में कोतवाली पुलिस द्वारा स्पा सेंटरों में दबिश देकर एक दर्जन से अधिक लड़कियों का रेस्क्यू किया था, जिसमें कई लड़कियां असम, बंगाल, दिल्ली की थी।
एक-दूसरे पर डालते हैं जिम्मेदारी
बिना लाइसेंस और नियम सुरक्षा के चल रहे स्पा सेंटर की जांच व कार्रवाई को लेकर जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देते हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जांच के लिए पुलिस नहीं मिलती, इसलिए स्पा सेंटरों की जांच नहीं कर पाते हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि नगर निगम के द्वारा समय पर जानकारी नहीं दी जाती है। हैरानी इस बात की है कि जिन जगहों पर स्पा सेंटर चल रहे हैं, उन जगहों को नगर निगम द्वारा सील करने या फिर टैक्स व अन्य नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है।
इनका कहना है
एक भी स्पा सेंटर द्वारा लाइसेंस नहीं लिया गया है, जो भी स्पा सेंटर चल रहे है, वह अवैध रूप से चल रहे हैं। कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम बनाने की जरुरत है। हमारे द्वारा पूर्व में स्पा सेंटरों की जांच कर कार्रवाई की गई थी। – आरपी वैश्य, उपायुक्त नगर निगम
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