Singrauli News : उच्च शिक्षा विभाग ने पदस्थापना स्थल पर शैक्षणिक और अशैक्षणिक अमले की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान सेशन में सार्थक एप पर ई अटेंडेंस की शुरुआत की थी। इस पर कड़ाई से अमल किया जा रहा है। बीते कुछ माह पहले सार्थक एप उपस्थिति में फर्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ था। इसमें नियमित और गेस्ट फैकल्टी द्वारा कार्यस्थल की जगह घर, रास्ते या कहीं और से ई अटेंडेंस लगाने का खुलासा हुआ था। इसके बाद सार्थक एप में कई बदलाव किए गए।
अब कार्य स्थल पर फेस रीडिंग अटेंडेंस ही मान्य है। जिससे कार्यस्थल पर निर्धारित ड्यूटी समय से छह घंटे की उपस्थिति अनिवार्य ही नहीं, एक तरह से मजबूरी हो गई है। उधर, कहा जा रहा है कि अब भी वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उपस्थिति में गोलमाल जारी है। हालांकि यह जांच का विषय है, मगर अब उच्च शिक्षा विभाग छात्र-छात्राओं के लिए भी सार्थक एप उपस्थिति अनिवार्य करने जा रहा है।
कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आने वाले शैक्षणिक सत्र से सार्थक एप ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होगी। इससे न्यूनतम 70 प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करने का प्रयास है। विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने वाले छात्र भी पढ़ने के लिए कॉलेज आने को विवश होंगे। अभी मैनुअल उपस्थिति से क्लास बंक करने का मौका मिल जाता है। इसके साथ शैक्षणिक अमले की कृपा से परीक्षा के लिए जरूरी 70 फीसदी उपस्थिति हो जाने से परीक्षा से भी वंचित नहीं होना पड़ता है।
उपस्थिति-छात्रवृत्ति में गड़बड़ी रोकना मुख्य उद्देश्य
छात्र-छात्राओं की सार्थक एप के माध्यम से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर कॉलेजों में चर्चा का माहौल है।दरअसल, इस व्यवस्था की जरूरत को लेकर बहस हो रही है। इसमें निष्कर्ष सामने आ रहा है कि विभिन्न तरह की छात्रवृत्ति लेने वाले छात्र-छात्राएं क्लास करने कॉलेज नहीं आते। इससे उनकी ही नहीं, योजनाओं का लाभ न लेने वाले छात्र भी क्लास करने के लिए मजबूर होंगे। इससे उच्च शिक्षा की गिरती साख व गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। विभाग का मानना है कि छात्रों पर उपस्थिति के लिए जोर-जबर्दस्ती की जगह यह व्यवस्था ज्यादा कारगर है।
स्वयं पोर्टल पर 10 जनवरी तक छात्रों का कराएं पंजीयन
उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने प्राचायों को निर्देश दिया कि 10 जनवरी तक सभी छात्र-छात्राओं का स्वयं पोर्टल पर पंजीयन कराएं। जिले में 12 सौ के करीब विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ है। उन्होंने बताया कि साढ़े पांच लाख पंजीयन के साथ प्रदेश पूरे देश में अव्वल है। ऐसे में शेष छात्र-छात्राओं का पंजीयन 10 तक करा लें।
डिप्लॉयमेंट का अधिकार केवल आयुक्त के पास
बताया जा रहा कि बैठक के दौरान डिप्लॉयमेंट का मुद्दा भी उठा। इसमें यह सामने आया कि उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालकों द्वारा मनमानी तरीके से शैक्षणिक अशैक्षणिक अमले का डिप्लॉयमेंट किया जा रहा है। इससे अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। किसी कर्मी का जिस कॉलेज से स्थानांतरण कर दिया गया है उसे फिर से वहीं डिप्लॉय किया गया है। इस पर उच्च शिक्षा आयुक्त ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अब बहुत जरूरी होने पर डिप्लॉयमेंट केवल उनके स्तर से ही होगा। वह भी तब जब पद रिक्त होगा या इसकी बहुत जरूरत होगी।
वीसी में आयुक्त ने इन बिंदुओं पर की समीक्षा
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में उच्च शिक्षा आयुक्त ने 2022-23 से आगामी सत्र 2025-26 के लंबित व नवीनीकरण आवेदनों, कॉलेज चलो अभियान, मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण, गुणवत्ता संवर्धन-नवाचार, ई कंटेंट, एईडीपी, अपार आईडी, डिजी लॉकर, एनएडी पोर्टल पर संस्था के पंजीयन की समीक्षा की। वहीं स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन, प्रयोगशाला उन्नयन, सीएम हेल्पलाइन, ऑनलाइन एसीआर, बजट और पेंशन सहित कई अन्य बिंदुओं पर प्राचार्यों से प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
Tourist Spot : सस्ता और शानदार न्यू ईयर टूर! सिंगरौली के ये 4 बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट है घूमने लायक