Bank Of Maharashtra Robbery in Waidhan: वैढ़न शहर के बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई लूट की घटना ने सिंगरौली ही नहीं पूरे प्रदेश को हिला दिया है। जिस समय लुटेरे बैंक में घुसे उस समय अंदर एक एक दर्जन से अधिक लोग थे। करीब 20 मिनट तक लुटेरों के चुंगल में फंसे रहे लोगों की जिंदगी रिवाल्वर की नोक पर रही।

लुटेरों ने किस तरह से घटना को अंजाम दिया यह हम उन्हीं की जुबानी बता रहे हैं। अंदर फंसे लोगों के अनुसार हथियारबंद लुटेरों ने सबसे पहले रिवॉल्वर की नोक पर लोगों के मोबाइल फोन एक स्थान पर रखवाये, उसके बाद सभी को एक जगह हाथ सिर पर रखवाकर बैठा दिया।
एक लुटेरा सभी पर नजर रख रहा था। वहीं एक बैंक मैनेजर के पास पहुंचा और रिवाल्वर अड़ाकर कैश पेटी व बैंक लॉकर को खुलवाया। इस तरह पेशेवर अपराधियों की तरह बेखौफ होकर लुटेरे 20 लाख रुपये रुपये व दस करोड़ का सोना लेकर फरार हो गये।
फिल्मों में देखे थे बंधक, आज खुद बन गया बैंक में लुटेरों की गिरफ्त में फंसे अशीष पांडेय ने बताया कि उन्होंने अभी तक फिल्मों में ही बंधक बनाना देखा था, लेकिन शुक्रवार को पहली बार वे खुद बंधक बन गए।

लुटेरों के हाथों में शला देखकर लगा कि आज जिंदगी नहीं बचेगी, क्योंकि जरा स मूवमेंट करने पर लुटेरे सीधे गोली मारने की धमकी देते थे। करीब 20 मिनट तक उखड़ती सांसों के बीच बंधक बनकर बैंक के अंदर रहा। लुटेरे जब बैंक से गये तब जाकर सांस में सांस आई।
सिर घुमाने पर की मारपीट

दहशत के बीच 20 मिनट गुजारने वाले विनोद कुमार अग्रहरि ने घटनाक्रम को जुबानी बताया। कहा कि लुटेरे बैंक में घुसे और सीधे रिवाल्वर निकाल लिए। रिवाल्वर निकालने के बाद फिल्मों की तरह लोगों के हाथ सिर पर रखवा लिए और सिर घुमाने तक से भी मना किया। किसी ने सिर घुमाने का प्रयास किया तो गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। विवेद डेबिट कार्ड बनवाने बैंक पहुंचे थे। उनके पहुंचने के बाद पांच मिनट बाद पांच हथियारबंद युवक बैंक में घुस गए थे।
ऐसा लगा कि जैसे मौत आ गई
बैंक में लुटेरों के चंगुल में फंसी एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब वह पैसे निकालने के लिए गई उसी समय हथियारबंद लोग घुसे। लुटेरों ने रिवाल्वर निकालकर हाथ सिर पर रखवा दिया। उन्हें देखकर ऐसा लगा जैसे मौत सिर पर आकर खड़ी हो गई। 20 मिनट तक तेजी से सांस लेने और खांसने पर लुटेरों ने गोली मारने की धमकी देकर दहहत फैला रखी थी। महिला ने कहा कि ईश्वर की कृपा थी कि बाल-बाल बच गई।
बैंकों की सुरक्षा, पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल

दिनदहाड़े हुई बैंक रॉबरी ने पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं तो बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था भी कटघरे में है। लुटेरों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया उससे यह साबित हो रहा है कि घटना से कई दिन पहले से वे बैंक की स्थिति पर नजर रख रहे थे।
मसलन, कितनी भीड़ होती है और सुरक्षा आदि की क्या व्यवस्था है। पूरी तैयारी से घटना करने का ही परिणाम है कि लुटेरे बीच शहर से बाइक से व्यस्ततम मार्गों से होकर बीजपुर-छत्तीसगढ़ की तरफ भाग गए और पुलिस को भनक नहीं लगी। फिलहाल, अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज जारी करने के साथ लुटेरों के हुलिये के आधार पर उनका पता लगाने की कोशिश कर रही है।
बीच शहर से भागे लुटेरों ने दी चुनौती
बैंक में डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले पांचों लुटेरे बीच शहर से होकर बाइक से निकले। सबसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र टॉकीज चौराहा, मस्जिद तिराहा, तुलसी मार्ग, अंबेडकर चौक होते हुए लुटेरे बीजपुर मार्ग से छत्तीसगढ़ निकल गए लेकिन उन्हें कहीं पर पुलिस ने रोकने का प्रयास नहीं किया या यह कहें कि कहीं भी उनको पुलिस नजर नहीं आई होगी।
लुटेरे कोतवाली थाना, सासन और गोभा चौकी की सीमा को पार कर निकल गए। तीनों सीमा पार करने में उन लोगों को 40 से 50 मिनट का समय लगा होगा। इस 50 मिनट के दौरान पुलिस चौकियों तक को सतर्क नहीं किया गया और आरोपी पुलिस को चुनौती देते हुए बेखौफ भागने में कामयाब रहे। घटना के बाद आईजी, डीआईजी को रीवा से भेजा गया। शाम को दोनों अधिकारी आये और सीधे रेस्ट हाउस पहुंच गये, जबकि अधिकारी और पीड़ित उनका इंतजार बैंक में करते रहे। बाद में दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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