PMUY : मध्य प्रदेश के सिंगरौली में जनजातीय महिलाओं तक आज भी नहीं पहुंचा उज्ज्वला योजना का लाभ

Pradhan Mantri Ujjwala Yojana Singrauli : धुएं से महिलाओं को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजना में से एक उज्ज्वला योजना 3.0 लांच की गई है। योजना के तहत निर्धन और जनजातीय परिवारों को चिन्हित कर उनको निःशुल्क घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान करना है। पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर उनको नया गैस कनेक्शन दिलाने के साथ-साथ पुराने हितग्राही जो हैं और अभी तक ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनको चिन्हित कर उनका ई-केवाईसी भी कराना है। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग और खाद्य विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, हितग्राहियों को चिन्हित करने और गैस कनेक्शन के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक दल का भी गठन किया गया है, लेकिन जिम्मेदार लोग पात्र हितग्राहियों को नहीं तलाश पा रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

धरती आबा अभियान के तहत चिन्हित हैं 209 गांव

प्रदेश में धरती आबा अभियान के तहत सिंगरौली जिले के 209 गांव चिन्हित हैं, जहां पर जनजातीय समाज के लोग बहुतायत मात्रा में निवासरत हैं। इन गांवों के ऐसे पात्र हितग्राहियों को चिन्हित करना है, जिनको अभी तक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभनहीं मिल रहा है। चिन्हित हितग्राहियों के जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए नजदीकी गैस एजेंसी डीलर से संपर्क कर नया कनेक्शन उपलब्ध कराना है ताकि महिलाओं की आंखों को चूल्हे से निकलने वाले धुएं से बचाया जा सके।

किसी का फोन बंद तो किसी को पता नहीं

योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए पिछले सप्ताह कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा जिले के तीनों अनुभागों के लिए दल गठित किया गया है। जब योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिए जाने और चिन्हित किए जाने के संबंध में जब वैढ़न अनुभाग के दल प्रभारी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सम्मी पटेल से पूछा तो उन्होंने कहाकि लाभ दिया गया है, लेकिन कितनों को दिया गया, यह याद नहीं है। देवसर अनुभाग के प्रभारी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी चंद्रमणि द्विवेदी से जानकारी चाही गई तो उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया। वहीं चितरंगी अनुभाग के प्रभारी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ऋषि नारायण सिंह का मोबाइल फोन हर बार की तरह बंद मिला।

35 हजार हितग्राही पूर्व में हुए थे चिन्हित

जनजातीय परिवारों के आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक खाता खुलवाने के लिए पिछले साल विशेष अभियान चलाया गया था। विशेष अभियान के दौरान जिले में 35 हजार जनजातीय परिवार चिन्हित हुए थे, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे। अभियान के दौरान जिन जनजातीय परिवारों के पास जरुरी दस्तावेज जैसे आधार, वोटर, बैंक खाता आदि नहीं थे, उनके बनवाए गए थे। पूर्व में चिन्हित हितग्राहियों की संख्या को देखा जाए तो करीब 35 हजार हितग्राहियों को उज्वला योजना का लाभ नहीं मिला। पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए पिछले एक सप्ताह से अभियान चल रहा है, लेकिन अभी तक कितनों को लाभ दिलाया गया, यह जानकारी जिले के अधिकारियों के पास नहीं है।

इनका कहना है

जिले के जनजाति हितग्राहियों को एलपीजी गैस कनेक्शन निःशुल्क उपलब्ध कराने के लिए अभियान चल रहा है। अभियान के तहत हितग्राहियों को चिन्हित करने दल का गठन किया जा चुका है। सभी को लाभ दिये जाने का प्रयास किया जा रहा है। – पीसी चंद्रवंशी, आपूर्ति अधिकारी

एक को भी नहीं मिला लाभ

उज्वला योजना 3.0 का हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए एक सप्ताह पहले वैढ़न, देवसर और चितरंगी अनुभाग में दल का गठन जिला प्रशासन द्वारा कर दिया गया था। दल गठित हुए एक सप्ताह का समय बीत गया, लेकिन जिम्मेदार लोग आज तक एक भी हितग्राही को चिन्हित नहीं कर पाए हैं। जिले में सरकारी योजनाओं का क्रियानवयन करने के लिए विभागों के जिम्मेदार अधिकारी कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक सप्ताह में एक भी हितग्राही नहीं तलाश पाए हैं।

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