Singrauli News : सिंगरौली कलेक्ट्रेट के टंकियों में लगा हैं गंदगी का अंबार, गंदा पानी पीने को मजबूर हैं आवेदक

Singrauli News : दूसरों के पानी और स्वच्छता की जांच करने वाले अधिकारियों के कार्यालय में ही लोगों को स्वच्छ पानी पीने के लिए नहीं मिल रहा है। हम बात कर रहे हैं कलेक्ट्रेट कार्यालय की पानी की टंकियों की। कलेक्ट्रेट भवन के छत पर एक दर्जन से अधिक पानी की टंकियां लगी हुई हैं, जिनका पानी कलेक्ट्रेट आने वाले आवेदक से लेकर कर्मचारी तक उपयोग करते हैं, लेकिन कलेक्ट्रेट के टंकियों का पानी पीने योग्य नहीं है। टंकियों में काई की इतनी मोटी-मोटी परत जमी है कि अगर कोई देख ले तो उल्टी कर दे। जिन जगहों पर पानी की टंकियां और वाटर कूलर रखे हैं, वहां पर भी साफ-सफाई का अभाव है। छत पर रखी सभी पानी की टंकियां खुली हुई हैं, किसी भी टंगी में ढक्कन नहीं लगा है, जिससे पानी दूषित होता रहता है।

साफ-सफाई का अभाव

स्वच्छता के नाम पर भले ही हर माह लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हो, लेकिन कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्वच्छता का भी अभाव देखा जा सकता है। प्रथम तल पर थोड़ी बहुत साफ-सफाई दिखती है, लेकिन भवन के दूसरी मंजिल में जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। कहीं पर वर्षों पुराने कबाड़ को संजो कर रखा गया है तो कहीं पर धूल की मोटी परत जमी हुई है। पब्लिक के लिए बनाए गए शौचालयों में ताला लगा दिया गया है, जिससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है।

इंदौर की घटना से भी नहीं लिए सीख

गत दिनों इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 से अधिक लोगों की मौत हो गई और एक हजार से अधिक लोग अस्पताल में इलाजरत हैं। इंदौर में दूषित पानी के मामले को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा सख्त निर्देश दिए गए कि नगर निगम, नगर परिषदों द्वारा पानी की सप्लाई में विशेष सतर्कता बरती जाए। वहीं सरकारी कार्यालयों में लगी पानी की टंकियों की नियमित रुप से साफ सफाई करने के निर्देश दिया है। शासन के निर्देश और इंदौर की घटना के बाद भी जिले के अधिकारियों ने सीख नहीं ली और आज भी कार्यालयों में दूषित, गंदा पानी लोग पी रहे हैं।

कभी नहीं होती साफ-सफाई

कलेक्ट्रेट भवन की छत पर रखी पानी की टंकियों की साफ-सफाई लगने के बाद शायद ही कभी हुई हो, गंदगी से बजबला रही टंकियों का पानी एसी कमरों में बैठे अधिकारी भले ही उपयोग न करते हो लेकिन गांव-देहात से आने वाले आवेदक टंकी के पानी का ही उपयोग पौने के लिए करते हैं। बगैर इंक्कन की टंकियों में पक्षियों का मल तक पहुंच रहा है, लेकिन आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने खुली पड़ी पानी की टंकियों की साफ सफाई करवाना तक मुनासिब नहीं समझा।

दूसरे दूसरे कार्यालयों में भी हैं यही समस्या

कलेक्ट्रेट के अलावा अन्य सरकारी कार्यालयों में भी पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। नगर निगम कार्यालय के बगल में स्थित बिल्डिंग, जहां पर आधा दर्जन सरकारी कार्यालय लगते हैं, वहां पर पानी को लेकर बड़ी गंभीर स्थिति बनी हुई है। जिस जगह पर पानी की टंकी रखी गई है, वहां पर इतनी गंदगी व्याप्त है कि लगता है जबसे टंकी स्खी गई, तब से शायद ही कभी सफाई की गई हो। काई से पटी टंकी का पानी पीने के लिए लोग मजबूर हो रहे हैं।

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