Singrauli News : सिंगरौली में चिकित्सा शिक्षा की हुई शुरुआत, 2026 में UG की 50 और सीटों की मिलेगी सौगात!

Singrauli Medical College : स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिहाज से वर्ष 2025 सिंगरौली के लिए यादगार रहा। वर्ष 2023 से निर्माणाधीन शासकीय मेडिकल कॉलेज हैंडओवर हुआ तो बीते 24 अगस्त को एनएमसी ने एमबीबीएस की 100 सीटों की मान्यता भी प्रदान कर दी। इसके बाद नीट उत्तीर्ण स्टूडेंट्स ने आवंटन के अनुसार मेडिकल कॉलेज में एडमिशन भी ले लिया। करीब दो-ढाई माह ऑनलाइन मोड में पढ़ाई हुई तो बीते नवंबर माह में दीपावली के बाद ऑफलाइन कक्षाओं की शुरुआत भी हो गई। इस तरह सिंगरौली ने बहुप्रतीक्षित सौगात को अपने इतिहास में सुनहरे हफों में दर्ज कर लिया।

फिलहाल, नीगढ़-भकुआर में स्थापित मेडिकल कॉलेज परिसर इस समय सिंगरौली के पांच सहित देश-प्रदेश के 100 स्टूडेंट्स के पठन-पाठन से गुलजार है। उधर, डीन डॉ. आरडी दत्त और फैकल्टी एमबीबीएस को 50 और सीटों पर प्रवेश की मान्यता की कवायद में जुटे हैं। दरअसल, शासन से मेडिकल कॉलेज को 150 सीटों को स्वीकृति है, लेकिन एनएमसी ने अभी 100 सीटों की ही मान्यता प्रदान की है। उसके पास 50 और सीटों की मान्यत का प्रस्ताव लंबित है। संभावना है कि आने वाले नए वर्ष में एनएमसी 150 सीटों पर प्रवेश की मान्यता दे देगा।

Government Medical College, Singrauli

उपकरणों किताबों की आमद, अब फर्नीचर आने का इंतजार

टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है तो लैब के उपकरणों की आमद हो गई है। छात्र-छात्राओं के अध्ययन से संबंधित चिकित्सा शिक्षा की पुस्तकें आने लगी हैं। हालांकि, अभी एकेडमिक भवन, हॉस्टल आदि में किराए के फर्नीचर से काम चलाया जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा विभाग फर्नीचर को खरीद की प्रक्रिया में लगा है। उधर, अत्याधुनिक लेक्चर हॉल, क्लास रूम और लैबोरेटरी में अध्ययन के साथ ही प्रायोगिक कार्य भी कराए जा रहे हैं। खेल, सेमिनार और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं तो अध्ययन में प्ले का सहारा लिया जा रहा है।

फैकल्टी के पदों पर नियुक्ति की धीमी है प्रक्रिया

मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के चार प्रमुख विषयों एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, कम्यूनिटी मेडिसिन व बायो केमेस्ट्री की फैकल्टी की पदस्थापना हो गई है। वहीं अन्य फैकल्टी की पदस्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। भोपाल में फैकल्टी यानी प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और रीवा मेडिकल कॉलेज में एसआर की नियुक्ति को लेकर इंटरव्यू प्रक्रिया हो रही है।

PG की 100 सीटों की मान्यता के होंगे प्रयास

एनएमसी से यूजों को 50 और सीटों की मान्यता मिलने के बाद पीजी की 100 सीटों की मान्यता के लिए शासन से मंजूरी की कवायद की जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद नेशनल मेडिकल काउंसिल के पास मान्यता को लेकर आवेदन किया जाएगा। संभावना है कि आने वाले साल या 2027 में पीजी की मान्यता मिल सकती है। इसके अलावा नर्सिंग कॉलेज सहित नौन टीचिंग स्टाफ के आवास और कई एडवांस लैब की स्थापना की प्रक्रिया भी आने वाले वर्ष में शुरू की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज : एक नज़र में

क्रमांक             बिंदु    विवरण
1 निर्माण कार्य की शुरुआत वर्ष 2023
2 डिओवर एवं लोकार्पण अगस्त माह
3 निर्माण कार्य की कुल लागत ₹221 करोड़
4 अस्पताल की क्षमता 400 बेड
5 अस्पताल निर्माण लागत ₹144 करोड़
6 अतिरिक्त बेड की स्वीकृति 205 बेड
7 अतिरिक्त बजट की मांग ₹117 करोड़
8 स्वीकृत शैक्षणिक-अशैक्षणिक पद 20 पद

 

शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ विवरण

क्रमांक     पदनाम    स्वीकृत पद
1 प्रोफेसर 20
2 एसोसिएट प्रोफेसर 40
3 असिस्टेंट प्रोफेसर 56
4 सीनियर रेजिडेंट 58
5 नॉन-टीचिंग स्टाफ 58

 

मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निर्माण भी तेज गति से हो रहा

मेडिकल कॉलेज परिसर में 605 बेड का अस्पताल भी तेजी से निर्माणाधीन है। पहले यह 400 बेड का स्वीकृत हुआ था। तब 144 करोड़ का टेंडर हुआ था। अब यह रिवाइज होकर 605 बेड का हो गया है। इसके बाद 117 करोड़ अतिरिक्त बजट का इस्टीमेट चिकित्सा शिक्षा विभाग में जमा हुआ है। निर्माणाधीन अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, सीसीयू व ओपीडी सहित सभी विभागों की अलग व्यवस्था की जा रही है। इस वर्ष मई में निर्माण शुरू हुआ था, इसे 3 साल में पूरा करना है, मगर तेज गति को देखते हुए यह उसके पूर्व भी बनकर तैयार हो सकता है।

बिजली एवं पानी की व्यवस्था बनाने का काम हुआ शुरू

मेडिकल कॉलेज तक पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य नगर निगम ने शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ बिजली व्यवस्था के लिए 300 केवी का सब स्टेशन मंजूर हुआ है। इसका कार्य जल्द शुरू होगा। यहां निगाही से बिजली आएगी। सड़क निर्माण को लेकर सर्वे और टेंडर की प्रक्रिया जारी है। कलेक्टर के अनुसार ये कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा।

इनका कहना है

मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा शिक्षा के मामले में उत्कृष्ट बनाना है। इसके लिए यहां शिक्षा, प्रायोगिक कार्य, लैब और चिकित्सा की हर वह व्यवस्था की जाएगी, जो अभी देश के गिने-चुने शहरों में है। यूजी की सीटों में वृद्धि और पीजी की मान्यता के प्रयास किए जा रहे हैं। जमीन मिलने पर कई और सुविधाएं बढ़ेगी। – डॉ. आरडी दत्त, अधिष्ठाता मेडिकल कॉलेज सिंगरौली

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