Singrauli News: गुरुवार की सुबह आए चक्रवाती तूफान ने 45 मिनट में तबाही मचा दी। तेज बारिश के साथ आए इस तूफान से जिले की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। इस दौरान शहरी क्षेत्र में एचटी और एलटी लाइनों के 14 पोल टूट गये। कई स्थानों पर केबल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गयी। ग्रामीण क्षेत्र में नुकसान इससे भी अधिक रहा और एचटी व एलटी लाइनों के 71 पोल टूट गए। जिसके कारण लड़खड़ाई विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए बिजली कर्मियों की टीमों ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया तो भी वैढ़न शहर में 5 घंटे से अधिक बिजली नहीं रही।
मोरवा में सुबह 10 से शाम 6 बजे कुछ मिनट के लिए बिजली आयी। इसी दौरान एक लाइनमैन की बिजली की चपेट में आ जाने से दर्दनाक मौत हो गयी। वैढ़न शहर के एसबीआई कॉलोनी के सामने एक भारी-भरकम पेड़ 11 केवी लाइन पर गिर जाने से सोलार फीडर बंद हो गया, जिसके बाद वैढ़न के अम्बेडकर चौक, गनियारी रोड, बीजपुर रोड, वसंत विहार कॉलोनी, बलियरी इंडस्ट्रियल एरिया सहित आसपास की बिजली शाम तक बंद रही। बिलौंजी तिराहे के पास बिजली का पोल टूट जाने से कलेक्ट्रेट सहित पूरे शहर में विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
वैढ़न शहर के अंदर ही एक दर्जन के करीब पोल टूट गए, जिससे हिरंवाह, अमलोरी, भकुआर, गहिलगढ़ पूर्व, टाकीज के पास, सिंगरौलिया की लाइनें बंद रहीं। लाइनों को दुरुस्त करने और पोल लगाने के लिए देर शाम तक कई टीमें लगी रहीं। देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई थी। सामूहिक शिकायतों को भी ठीक किया जा रहा था, हालांकि देर शाम तक व्यक्तिगत तौर पर 200 से अधिक शिकायतें बनी हुई थीं। जिन्हें दुरुस्त करने के लिए टीमें भागदौड़ कर रही थीं।
ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा नुकसान देर रात तक बंद रही बिजली
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 71 से अधिक पोल टूट गए, जिसके कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। सबसे पहले 11 केवी लाइनों को रेस्टोर करने के लिए टीमें दौड़ीं। गोभा के कुदरी टोला में 11 केवी लाइन का पोल टूटा तो निगरी, निवास, सरई और बरगवां सहित माड़ा, चितरंगी की लाइनें बंद रहीं। कई स्थानों पर पोल ट्रांसफार्मर सहित क्षतिग्रस्त हुए हैं, तो कहीं पर डीपी उखड़कर जमीन पर जा गिरी। सबसे अधिक नुकसान ग्रामीण क्षेत्र की उन लाइनों को हुआ है, जहां पर अभी तक आसीसी पोल से काम लिया जा रहा है। पेड़-पौधों अथवा उनकी डाल गिर जाने से कई स्पॉन टूट कर जमीन पर आ गिरे हैं। बताया जा रहा है कि देर रात काम बंद कर दिया गया है, सुबह होते ही मरम्मत का काम फिर शुरू किया जायेगा।
वैढ़न से मोरवा पहुंचे अधिकारी
इस दुखद घटना से विद्युतकर्मी आहत थे। शाम 7 बजे तक बिजली भी चालू नहीं हो पायी थी, जिसके बाद बाधित बिजली की मरम्मत कराने के लिए बैढन से AE संदीप विश्वकर्मा और गौरव पांडेय मोरवा पहुंचे। जिन्होंने अपनी देखरेख में मोरवा की विद्युत आपूर्ति बहाल करायी। उसके बाद सिंगल फेस तो कहीं डिम वोल्टेज की समस्या बनी हुई थी। मोरवा में अयप्पा मंदिर रोड, धर्मशाला, अम्बेडकरनगर, भगत सिंह कॉलोनी सहित कई अन्य एरिया में बिजली बार-बार आती-जाती रही। चूंकि मौसम खुशगवार हो जाने के कारण लोगों को बिजली जाने से बहुत समस्या नहीं हुई, हालांकि उमस बरकरार है।
लाइनमैन की मौत से मोरवा में शोक की स्थिति
मोरवा में दुधिचुआ रोड में पोल में चढ़कर बिजली दुरुस्त कर रहा आउट सोर्स लाइन मैन करंट की चपेट में आ गया। पिपरखड़ निवासी राजकुमार बैस ट्रांसफार्मर में प्रेमकांता गैस गोदाम के पास लगे बिजली के खंभे पर चढ़कर जम्फर जोड़ने का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसे करंट लगा और नीचे आ गिरा, जिससे सिर पर चोटें आयीं। स्थानीय लोगों और सहकर्मियों की मदद से उन्हें आनन-फानन एनसीएल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
कुछ ही देर में पिपरखड़ से मृत लाइन मैन के परिजन पहुंचे और चीख-पुकार मच गयी। मोरवा में सबसे हंसमुख और मेहनतकश लाइनमैन के रूप में राजकुमार को हर कोई जानता था। किसी भी हाल में बिजली की मरम्मत करने के लिए पहले पहुंचने वाले लाइन मैन ने आज कार्य के दौरान अपनी जान गवां दी। बताया जाता है कि वह एक आउट सोर्स कंपनी के जरिए कोविड के दौरान मोरवा में कार्य करना शुरू किया था। बताया जा रहा है कि उसके काम के दौरान बिजली बंद थी, लेकिन किसी डीजी सेट से रिटर्न करंट आने से यह घटना हुई है, जिसकी जांच की जायेगी।
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