MP News : मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एनिमल रेस्क्यू सेंटर एंड शेल्टर के पैसे से निगमायुक्त ने बनवा दी गौशाला 

MP News : सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में बढ़ती डॉग बाइट की घटनाओं पर बीते नवंबर माह में नाराजगी जताते हुए आवारा कुत्तों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड से दूर रखने का आदेश दिया था। इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि आवारा कुत्तों को स्कूलों-बस अहों के पास से हटाकर शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। इधर, सिंगरौली जिले में हाल यह है कि एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना द्वारा स्ट्रीट डॉग्स सहित विभिन्न तरह के जानवरों के रेस्क्यू सेंटर सह शेल्टर के लिए सीएसआर से दी गई 57 लाख की राशि में से 37 लाख रुपये खर्च कर नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर ने देवरा में गौशाला का निर्माण करा दिया। अब बीते कुछ माह से वहां डॉग स्टरलाइजेशन सेंटर स्थापित करने के लिए निविदा प्रक्रिया की जा रही है। प्रथम बार निविदा में कोई एजेंसी नहीं आई तो अब दूसरी बार प्रक्रिया की जा रही है। उधर, जिले में डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को ही सुबह 11 बजे तक डॉग बाइट के 5 मामले जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहीं गत नवंबर में डॉग बाइट से पीड़ित 242 लोग जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचे थे।

मेनका गांधी के हस्तक्षेप से रेस्क्यू सेंटर की खुली थी राह

दरअसल, एनटीपीसी विंध्याचल ने वर्ष 2023 में अपने आवासीय क्षेत्र में रहने वाले दर्जनों स्ट्रीट डॉग्स को दूर जंगल में छोड़वा दिया था। इसकी जानकारी जब गौ सेवा संस्थान के माध्यम से सांसद मेनका गांधी को मिली तो उन्होंने एनटीपीसी को पत्र लिखकर उन स्ट्रीट डॉग्स को उनके मूल रहवास में वापस लाने के साथ एनिमल रेस्क्यू सह शेल्टर का निर्माण कराने के लिए कहा था। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन को भी पत्र भेजा था। इसके बाद एनटीपीसी ने विभिन्न तरह के जानवरों के उपचार व रखने के लिए सीएसआर से 57 लाख रुपये नगर निगम को जारी किए थे। उसमें से 37 लाख खर्च कर देवरा में गौशाला निर्माण कराया गया है।

जनवरी से नवंबर तक में जिले में 6051 लोग हुए डॉग बाइट का शिकार

जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं का हाल बीते जनवरी से गत नवंबर माह तक के आंकड़े बताते हैं। जानकारी के अनुसार इस वर्ष जनवरी में 724, फरवरी में 683, मार्च में 512, अप्रैल में 485, मई में 447, जून में 450, जुलाई में 610, अगस्त में 490, सितंबर में 460, अक्टूबर में 557 व गत नवंबर में 633 लोग जिलेभर में स्ट्रीट डॉग्स का शिकार बनकर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। इन सबको मिलाकर जनवरी से नवंबर तक 6051 लोग पीड़ित हुए।

बीमार और घायल पशुओं के उपचार का प्रस्ताव में उल्लेख

दरअसल, सांसद मेनका गांधी के हस्तक्षेप के बाद कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम ने बीमार पशुओं को भर्ती व उपचार हेतु पशु औषधालय (रेस्क्यू सेंटर) का 57.17 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया था। जो कलेक्टर के माध्यम से मुख्य महाप्रबंधक एनटीपीसी विध्याचल परियोजना को 11 अगस्त 2023 को भेजा गया था। उसमें कहीं भी गौशाला निर्माण का उल्लेख नहीं किया गया था। इसके बाद भी देवरा में रेस्क्यू सेंटर की जगह गौशाला का निर्माण करा दिया गया। जहां आने-जाने के लिए आज तक मार्ग का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। वहीं पर अब डॉग स्टरलाइजेशन सेंटर का निर्माण कराने के लिए तैयारी की जा रही है।

इनका कहना है

मेरी जानकारी में शासन से कोई आदेश नहीं आया है। जिले में स्ट्रीट डॉग्स के लिए शेल्टर की व्यवस्था नहीं है। देवरा में स्ट्रीट डॉग्स के स्टरलाइजेशन सेंटर के लिए पूर्व में कोई फार्म न आने के बाद अब दूसरी बार निविदा की जा रही है। – सविता प्रधान, आयुक्त नगर निगम सिंगरौली

सुप्रीम कोर्ट ने डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को रोकने और आवारा कुत्तों के शेल्टर आदि को लेकर जो भी आदेश दिए हैं जिले में उसके अनुसार व्यवस्था कर उनका पालन कराया जाएगा। नगर निगम से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। -गौरव बैनल, कलेक्टर सिंगरौली

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