Singrauli Medical College: सिंगरौली मेडिकल कॉलेज में पहला ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन हुआ सफल

Singrauli Medical College: जिला अस्पताल आने वाले आर्थोपेडिक चिकित्सकों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें बिचौलियों के झांसे में आकर निजी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मेडिकल कॉलेज सिंगरौली के चिकित्सक उन्हें मेजर-माइनर ऑपरेशन की सुविधा प्रदान करेंगे।

इसी कड़ी में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने सीमित संसाधनों में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जिला अस्पताल में सफलतापूर्वक पहला आर्थोपेडिक ऑपरेशन किया है। यह ऑपरेशन इसलिए भी खास है, क्योंकि सीमित संसाधनों व प्रारंभिक व्यवस्थाओं के बावजूद ऑर्थोपेडिक टीम के समन्वय, सहयोग और समर्पण से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई।

Singrauli Medical College
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जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय युवक पैर की अंगुली (टो) में फ्रैक्चर की समस्या के साथ जिला अस्पताल पहुंचा था। मरीज को आसपास के निजी अस्पतालों में ले जाने के लिए बिचौलियों द्वारा प्रलोभन भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद मरीज ने शासकीय अस्पताल में ही उपचार करवाने का निर्णय लिया। ऐसे में ऑर्थोपेडिक टीम द्वारा मरीज का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। जिसमें वायर तकनीक का उपयोग किया गया। विशेष बात यह रही कि यह ऑपरेशन बिना चीर-फाड़ (बगैर चीरा लगाए) किया गया। उल्लेखनीय है कि पूरी सर्जरी निःशुल्क की गई, जिससे मरीज को आर्थिक राहत भी मिली। मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है।

मजबूत आर्थोपेडिक इकाई की होगी स्थापना

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डीन डॉ. आरडी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को ओपीडी और आईसीयू से लेकर ओटी व लेबर वार्ड में मरीजों के उपचार के लिए निर्देशित किया गया है। सिजेरियन डिलीवरी के साथ मेजर, माइनर ऑपरेशन व सर्जरी की शुरुआत हुई है। यह उपलब्धि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में मजबूत ऑर्थोपेडिक इकाई की स्थापना की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। सीमित संसाधनों के बावजूद टीम का यह कार्य भविष्य में मरीजों को बेहतर व सुलभ उपचार उपलब्ध कराने में सहायक होगा। ऑर्थोपेडिक टीम ने कहाकि जिला अस्पताल में जटिल सर्जरी सफलता से होगी, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

इन चिकित्सकों के नेतृत्व में हुआ ऑपरेशन

यह ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राजीव सिंह एवं डॉ. भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसमें सीनियर रेजिडेंट टीम के डॉ. सिद्धांत यादव, डॉ. आशीष श्रीवास्तव एवं डॉ. साकेत सिद्धांत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी टीम के समन्वित प्रयास से यह उपलब्धि संभव हुई। मालूम हो कि जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी भी मेडिकल कॉलेज के सीनियर रेजिडेंट सफलता से कर रहे हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को राहत मिली है।

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