मिली जानकारी के अनुसार, मृतक श्रमिक प्लांट में कार्यरत था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। साथी श्रमिकों का आरोप है कि घटना के बाद प्रबंधन की ओर से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। इसी बात को लेकर बड़ी संख्या में श्रमिक एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विरोध के दौरान गुस्साए श्रमिकों ने पावर मेक (Power Mech) के कार्यालय पर हमला कर दिया। इस दौरान कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ की गई और आगजनी की कोशिश भी की गई। प्लांट परिसर के बाहर खड़ी कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए, जबकि कुछ वाहनों को पलट दिया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ भी झड़प और मारपीट की खबर सामने आई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। फिलहाल प्लांट के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि श्रमिक की मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही प्लांट परिसर में हुई तोड़फोड़ और हंगामे में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं श्रमिकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और मौत की असली वजह सामने लाई जाए।
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